- Social Viral

नहीं रहीं दुनिया की सबसे उम्रदराज फूड Youtuber मस्तनम्मा

खाने की दुनिया में अपनी लजीज रेसिपी से तहलका मचाने वाली सबसे बुजुर्ग यूट्यूबर मस्तनम्मा नहीं रहीं. 107 साल की मस्तनम्मा के फूड चैनल कंट्रीफूड के 12 लाख से भी ज्यादा सब्सक्राइबर बन चुके थे, जो कि अपने-आप में एक रिकॉर्ड है. आंध्रप्रदेश की मस्तनम्मा खेत में चूल्हा जलाकर खाना पकाती थीं और यही उनकी यूएसपी थी.

गुंटूर जिले के गुड़ीवारा गांव की रहवासी ये यूट्यूबर दादी जीवट और दिलचस्प जिंदगी की मिसाल रहीं. अपने परिवार की तंगहाली के कारण मस्तनम्मा को गांव के ही एक परिवार ने गोद लिया था. ग्यारह साल की उम्र में उनकी शादी हुई और शादी के 10 सालों के भीतर ही पति का निधन हो गया. उस वक्त मस्तनम्मा के पांच बच्चे थे, जिन्हें संभालने के लिए मस्तनम्मा ने दिहाड़ी पर काम किया. हालांकि मस्तनम्मा की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं. गांव में फैली महामारी में उनके चार बच्चे गुजर गए और केवल एक बेटा साथ रहा. इन तमाम मुश्किलों के बाद भी मस्तनम्मा ने हार नहीं मानी और उतनी ही खुशदिली से परेशानियों को संभालती रहीं.

मस्तनम्मा का यही जीवटता यूट्यूब पर भी दिखता है. ठेठ गांव की अनपढ़ महिला सौ की उम्र के बाद यूट्यूब पर कैसे छाईं, इसकी कहानी भी मस्तनम्मा की जिंदगी जितनी दिलचस्प है. बात अगस्त 2016 की है. एक बार मस्तनम्मा ने हैदराबाद से गांव आए अपने पोते और उसके दोस्तों के लिए बैंगन की सब्जी बनाई. सब्जी उन सबको इतनी पसंद आई कि पोते के लक्ष्मण ने इसे यूट्यूब पर डाल दिया. रातभर में ही उस वीडियो को लगभग 75 लाख लोगों ने देख डाला.

READ  होगा निपाह वायरस का अलर्ट, 2000 चमगादड़ों के साथ रहती है ये महिला

पोते ने यूट्यूब पर बाकायदा एक चैनल बनाया, जिसे कंट्री फूड नाम दिया. शुरुआत में पोता और उनका दोस्त इसपर रेसिपी डालते लेकिन फिर दादी ने उनकी जगह ले ली. चैनल पर 106 साल की सेलिब्रिटी शेफ सूती साड़ी में खेत के बीच बने अपने किचन में खाना पकाया करतीं. चूल्हा सुलगाने और मसाला पीसने में पोती रजनी मदद किया करतीं. बीच-बीच में दादी मसालों की खुशबू, स्वाद के बारे में बतातीं. खाना बनने के बाद दादी के चटखारे भी सुनाई पड़ते. जल्द ही देश के कोने-कोने से लेकर दुनियाभर में कंट्री फूड के सब्सक्राइबर हो गए. वॉटरमेलन चिकन उनकी सबसे लोकप्रिय रेसिपी रही, जिसे यूट्यूब पर 66 लाख से ज्यादा व्यूज मिले और आंकड़ा जल्द ही एक करोड़ को पार कर गया. मस्तनम्मा इसमें तरबूज के खोल पर चिकन पका रही हैं.

मस्तनम्मा के 106वें जन्मदिन पर उनके चाहने वालों ने उन्हें कई तोहफे भी भेजे. इसमें अमेरिका, ब्रिटेन और यहां तक कि पाकिस्तान के फैन भी शामिल रहे. अब वे नहीं हैं लेकिन यूट्यूब के जरिए देसी अंदाज के उनके खाने की खुशबू दुनियाभर में फैल चुकी है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *